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नई दिल्ली: 15 साल पुरानी Honda Shine हटाकर स्क्रैपर को सौंपी, मालिक ने MCD की कार्रवाई पर उठाए सवाल
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संक्षेप
नई दिल्ली: महिपालपुर इलाके से एक Honda Shine बाइक को हटाकर अधिकृत स्क्रैपर को सौंपे जाने का मामला सामने आया है। वाहन मालिक शैलेंद्र कुमार ने इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
विस्तार
नई दिल्ली: महिपालपुर इलाके से एक Honda Shine बाइक को हटाकर अधिकृत स्क्रैपर को सौंपे जाने का मामला सामने आया है। वाहन मालिक शैलेंद्र कुमार ने इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनके पास मौजूद दस्तावेजों में दिल्ली नगर निगम (MCD) के नजफगढ़ जोन कार्यालय की ओर से जारी Removal Order भी सामने आया है। दस्तावेज के अनुसार, Municipal Corporation of Delhi (MCD), Office of the Assistant Commissioner, Najafgarh Zone की ओर से Removal Order No. 1597/AC/NGZ/MCD/2025-26 जारी किया गया। आदेश पर 19 सितंबर 2026 की तारीख दर्ज है। इसमें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशों का हवाला देते हुए पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। Removal Order में वाहन नंबर MP09NK6393 दर्ज है। दस्तावेज में लिखा है कि उक्त वाहन ने अपनी निर्धारित जीवन अवधि पूरी कर ली थी और इसे महिपालपुर में सार्वजनिक स्थान पर खड़ा पाया गया। हस्तलिखित विवरण के अनुसार, वाहन को 19 सितंबर 2026 को शाम करीब 5:29 बजे हटाया गया। दस्तावेज में यह भी उल्लेख है कि हटाए गए वाहन को M/s Nirvana Scrappers को सौंप दिया गया, जिसे वाहन स्क्रैपिंग के लिए अधिकृत स्क्रैपर बताया गया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि स्क्रैपर द्वारा स्क्रैप किए गए वाहन की कीमत का भुगतान संबंधित पंजीकृत मालिक को किया जाएगा। वहीं, वाहन के पंजीकरण प्रमाणपत्र के अनुसार MP09NK6393 के मालिक शैलेंद्र कुमार हैं। यह Honda Shine DRM KIK with Spoke मॉडल की बाइक है, जिसका पंजीकरण 7 सितंबर 2011 को हुआ था। यानी कार्रवाई के समय वाहन करीब 15 वर्ष पुराना था। मामले में एक PUC प्रमाणपत्र भी सामने आया है, जिस पर 25 जून 2026 की तारीख और 24 दिसंबर 2026 तक की वैधता दर्ज है। इसी को लेकर वाहन मालिक का कहना है कि उनके पास वाहन से संबंधित वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र मौजूद था और RC से संबंधित प्रक्रिया को लेकर भी वह काम कर रहे थे। उनका सवाल है कि वाहन को हटाने से पहले उन्हें पूरी जानकारी और प्रक्रिया क्यों नहीं बताई गई। हालांकि, PUC की वैधता और वाहन की निर्धारित आयु अलग-अलग नियमों के अंतर्गत आती हैं। उपलब्ध MCD Removal Order में कार्रवाई का आधार वाहन की आयु पूरी होना बताया गया है। शैलेंद्र कुमार ने MCD की कार्रवाई में कथित मिलीभगत की आशंका जताते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि वाहन हटाने की प्रक्रिया, मौके पर की गई कार्रवाई और उसे स्क्रैपर को सौंपने की पूरी प्रक्रिया की जांच होनी चाहिए। अब सवाल यह है कि वाहन को हटाने की कार्रवाई में सभी निर्धारित नियमों का पालन किया गया या नहीं। MCD और संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
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