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मध्य प्रदेश: 2 साल से बंद पड़ा करोड़ों का स्वास्थ्य केंद्र, 50 हजार ग्रामीणों को इलाज का हुआ इंतजार
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संक्षेप
मध्य प्रदेश: हरदा ग्राम चारूवा में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल स्थिति का मुद्दा शुक्रवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के जनसंवाद एवं समाधान शिविर में प्रमुखता से उठाया गया।
विस्तार
मध्य प्रदेश: हरदा ग्राम चारूवा में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल स्थिति का मुद्दा शुक्रवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के जनसंवाद एवं समाधान शिविर में प्रमुखता से उठाया गया। युवा उपभोक्ता कल्याण समिति, चारूवा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर करीब दो वर्षों से बनकर तैयार शासकीय स्वास्थ्य केंद्र का संचालन तत्काल शुरू कराने की मांग की।समिति के अनुसार चारूवा में करोड़ों रुपये की लागत से स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन करीब दो वर्ष पहले बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन अब तक इसका उपयोग शुरू नहीं हो सका है। भवन तैयार होने के बावजूद यहां ताला लगा होने से आसपास के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूसरे शहरों और कस्बों का रुख करना पड़ रहा है।50 हजार आबादी को मिल सकता है सीधा लाभसमिति ने बताया कि चारूवा स्वास्थ्य केंद्र शुरू होने से आसपास के 40 से 50 गांवों की करीब 50 हजार की आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। वर्तमान में प्रसव, दुर्घटना और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को 20 से 30 किलोमीटर दूर हरदा या टिमरनी ले जाना पड़ता है। ऐसे मामलों में समय पर उपचार नहीं मिलने से मरीजों की स्थिति गंभीर होने का खतरा बना रहता है।ग्रामीणों का कहना है कि विशेष रूप से गरीब और आदिवासी परिवारों को इस समस्या का सबसे अधिक सामना करना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य केंद्र शुरू होने से न केवल आपातकालीन उपचार की सुविधा मिलेगी, बल्कि गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भी समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।“सरकारी भवन तैयार, फिर भी ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधा से वंचित”युवा उपभोक्ता कल्याण समिति के अध्यक्ष संजय गंगराड़े एवं अभिषेक तिवारी ने कहा कि सरकार की राशि से स्वास्थ्य केंद्र का भवन तैयार होने के बावजूद करीब दो साल से इसका संचालन नहीं होना गंभीर विषय है। उन्होंने मांग की कि स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर, नर्सिंग एवं अन्य आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति, दवाइयों और जरूरी चिकित्सा उपकरणों की व्यवस्था कर इसे तत्काल आमजन के लिए शुरू किया जाए।उन्होंने कहा कि भवन का निर्माण जनता को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है। ऐसे में लंबे समय तक इसका बंद रहना क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों के हित में नहीं है।अधिकारियों ने दिया समाधान का आश्वासनज्ञापन प्राप्त करने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी मांग को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाकर जल्द समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।इस अवसर पर समिति से अभिषेक तिवारी, राजेश बघेला, गणेश बघेला, राजेश जसवाल, राजू शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।
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