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Extortion Case: चाणक्यपुरी रंगदारी केस में आया नया मोड़, 10 करोड़ की रंगदारी और फायरिंग मामले में कारोबारी की भूमिका पर उठे सवाल

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दिल्ली  Published by: Shikha , दिल्ली  Edited By: Shikha, Date: 20/08/2026 11:33:20 am Share:
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  • 20/08/2026 11:33:20 am
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संक्षेप

दिल्ली: चाणक्यपुरी के एक डिफेंस कारोबारी से BKI और गैंगस्टरों के नाम पर 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने तथा पंजाब स्थित उसके घर पर फायरिंग के मामले में नया मोड़ सामने आया है। अब शिकायतकर्ता कारोबारी की भूमिका भी जांच के घेरे में है।

विस्तार

दिल्ली: चाणक्यपुरी के एक डिफेंस कारोबारी से BKI और गैंगस्टरों के नाम पर 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने तथा पंजाब स्थित उसके घर पर फायरिंग के मामले में नया मोड़ सामने आया है। अब शिकायतकर्ता कारोबारी की भूमिका भी जांच के घेरे में है। आरोपियों के वकील भानु मल्होत्रा ने अदालत में दावा किया कि कारोबारी ने पुलिस सुरक्षा बढ़वाने के लिए कथित तौर पर साजिश रची थी। हालांकि यह आरोप फिलहाल आरोपी पक्ष की दलील का हिस्सा है और मामले की जांच जारी है।

2024 से मिल रही थीं धमकियां

पुलिस के मुताबिक, चाणक्यपुरी निवासी कारोबारी ने पुलिस कमिश्नर को शिकायत देकर बताया था कि वर्ष 2024 से उसे लगातार एक्सटॉर्शन कॉल और मैसेज मिल रहे थे। कथित तौर पर उससे 10 करोड़ रुपये की मांग की गई और रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई। नवंबर 2025 में अमृतसर स्थित कारोबारी के घर पर फायरिंग की घटना भी सामने आई। इसके बाद चाणक्यपुरी थाने में मामला दर्ज किया गया, जबकि पंजाब पुलिस ने भी घटना की जांच शुरू की।

कर्मचारी समेत तीन आरोपी हुए गिरफ्तार

क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि कथित धमकी वाले कॉल वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल यानी VoIP के जरिए स्पेन और अन्य देशों से किए जा रहे थे। पुलिस ने 13 जून को अमृतसर और तरनतारन से कारोबारी के कर्मचारी जसवंत, गुरपिंदर उर्फ प्रिंस और शमशेर सिंह को गिरफ्तार किया। चार्जशीट में कर्मचारी जसवंत और पंजाब पुलिस के बर्खास्त एएसआई जसवंत को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। आरोप है कि जसवंत ने शमशेर के जरिए गुरपिंदर को धमकी वाले वॉयस नोट भेजने के लिए तैयार किया।

शिकायतकर्ता की भूमिका की भी हो रही जांच

पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता जांच में शामिल नहीं हो रहा है और धमकी वाले मैसेज व वॉयस नोट प्राप्त करने वाला फोन भी उपलब्ध नहीं करा रहा है। क्राइम ब्रांच की चार्जशीट में शिकायतकर्ता की भूमिका की जांच किए जाने का उल्लेख है। आरोपी पक्ष के वकील ने 17 और 18 अगस्त को जमानत पर बहस के दौरान दावा किया कि कारोबारी ने हाई कैटेगरी पुलिस सुरक्षा हासिल करने के लिए कथित तौर पर झूठा मामला दर्ज कराया। अदालत ने गुरपिंदर सिंह और शमशेर सिंह को जमानत दे दी है। मामले में कारोबारी की भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है।