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Tiranga Awareness: आज़ादी का जश्न हर साल, लेकिन तिरंगे का सम्मान सिर्फ एक दिन क्यों?

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दिल्ली  Published by: Shikha , दिल्ली  Edited By: Shikha, Date: 14/08/2026 11:11:32 am Share:
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  • Edited By.: Shikha,
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  • 14/08/2026 11:11:32 am
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संक्षेप

नई दिल्ली: 15 अगस्त भारत के इतिहास का एक बेहद महत्वपूर्ण दिन है।

विस्तार

नई दिल्ली: 15 अगस्त भारत के इतिहास का एक बेहद महत्वपूर्ण दिन है। इसी दिन वर्ष 1947 में देश ने लंबे स्वतंत्रता संग्राम के बाद ब्रिटिश शासन से आज़ादी हासिल की थी। हर साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पूरे देश में देशभक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिलता है। स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी और निजी संस्थानों में तिरंगा फहराया जाता है, राष्ट्रगान होता है और विभिन्न सांस्कृतिक एवं देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।राष्ट्रीय स्तर पर स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह नई दिल्ली के लाल किले पर आयोजित होता है, जहां प्रधानमंत्री तिरंगा फहराकर देश को संबोधित करते हैं। इसके अलावा देशभर में अलग-अलग स्थानों पर ध्वजारोहण, भाषण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और देशभक्ति से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। बच्चे और युवा इन कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। कई लोग अपने घरों, दुकानों और वाहनों पर भी तिरंगा लगाकर स्वतंत्रता दिवस का उत्साह मनाते हैं।

पर क्या हमारी देशभक्ति सिर्फ 15 अगस्त तक ही सीमित रह जाती है?

स्वतंत्रता दिवस से पहले बाजारों में तिरंगे और राष्ट्रीय ध्वज के रंगों वाले सामान की मांग बढ़ जाती है। लोग उत्साह के साथ तिरंगे खरीदते हैं, उन्हें अपने घरों और वाहनों पर लगाते हैं और सोशल मीडिया पर देशभक्ति से जुड़े संदेश और तस्वीरें साझा करते हैं। लेकिन 15 अगस्त के अगले दिन कई जगहों पर यही तिरंगे सड़कों, गलियों, पार्कों और कूड़े के आसपास पड़े दिखाई देते हैं। कई स्थानों पर कागज और प्लास्टिक से बने छोटे झंडे पैरों के नीचे दबे नजर आते हैं। कुछ झंडे कूड़ेदानों या सड़क किनारे पड़े मिलते हैं। यह स्थिति सिर्फ साफ-सफाई से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और उससे जुड़ी भावनाओं का भी विषय है।

तिरंगा भारत की राष्ट्रीय पहचान और गौरव का प्रतीक है। इसके तीन रंग और बीच में बना अशोक चक्र देश के मूल्यों और राष्ट्रीय भावना को दर्शाते हैं। तिरंगा स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, उनके बलिदान और आजाद भारत के सपने की याद दिलाता है। इसलिए राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान केवल स्वतंत्रता दिवस के दिन ही नहीं, बल्कि हर समय बनाए रखना जरूरी है। विशेषज्ञों और जागरूक नागरिकों का मानना है कि स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने के साथ-साथ लोगों को उसके इस्तेमाल के बाद उचित तरीके से संभालने और निस्तारित करने के प्रति भी जागरूक होना चाहिए। इस्तेमाल किए गए राष्ट्रीय ध्वज को सड़क, नाली या कूड़ेदान में फेंकने के बजाय सम्मानपूर्वक रखना और निर्धारित नियमों के अनुसार उसका निस्तारण करना चाहिए। आजादी का जश्न मनाना हर भारतीय के लिए गर्व की बात है, लेकिन इस जश्न के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी है। तिरंगा हमारी शान है, इसलिए उसका सम्मान सिर्फ 15 अगस्त को नहीं, बल्कि हर दिन होना चाहिए।

इस स्वतंत्रता दिवस आइए संकल्प हम मिल कर संकल्प लें:- तिरंगा फहराएंगे, देशभक्ति मनाएंगे और राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान हमेशा बनाए रखेंगे।