-
☰
मध्य प्रदेश: अफगानिस्तान की प्राचीन बौद्ध विरासत, मौर्यकालीन इतिहास से जुड़ा गौरवशाली अध्याय
- Photo by : social media
संक्षेप
मध्य प्रदेश: अफगानिस्तान को एक मुस्लिम बहुल देश के रूप में जाना जाता है, किंतु इतिहास के पन्नों को पलटें तो ईसा पूर्व तीसरी शताब्दी में यह क्षेत्र प्राचीन भारतीय संस्कृति और बौद्ध धर्म का एक अत्यंत प्रमुख केंद्र हुआ करता था।
विस्तार
मध्य प्रदेश: अफगानिस्तान को एक मुस्लिम बहुल देश के रूप में जाना जाता है, किंतु इतिहास के पन्नों को पलटें तो ईसा पूर्व तीसरी शताब्दी में यह क्षेत्र प्राचीन भारतीय संस्कृति और बौद्ध धर्म का एक अत्यंत प्रमुख केंद्र हुआ करता था। मौर्य साम्राज्य के महान सम्राट अशोक द्वारा स्थापित 84,000 स्तूपों में से कई स्तूप अफगानिस्तान के विभिन्न क्षेत्रों में आज भी इस प्राचीन विरासत की गवाही देते हैं इस क्षेत्र में बौद्ध धर्म के व्यापक प्रसार का प्रामाणिक उल्लेख चौथी शताब्दी में भारत आए चीनी यात्री फाह्यान और सातवीं शताब्दी में आए ह्वेनसांग ने अपने यात्रा वृत्तांतों में विस्तार से किया है। ईसा पूर्व तीसरी शताब्दी में विश्व विजय के अभियान पर निकले सिकंदर ने मगध साम्राज्य के अंतर्गत आने वाले अफगानिस्तान, पाकिस्तान कंधार तक्षशिला जेड्रोसिया, अराकोसिया और हेरात आदि क्षेत्रों को जीत लिया था यद्यपि इस दौरान भारी जन-धन की हानि हुई, किंतु इन क्षेत्रों की मूल संस्कृति बौद्ध ही बनी रही और यहाँ के सभी निवासी बौद्ध धर्म का ही पालन करते थे इस क्षेत्र में स्थित तक्षशिला विश्वविद्यालय प्राचीन काल में शिक्षा का विश्व प्रसिद्ध केंद्र था, जहाँ दुनिया भर से छात्र बौद्ध दर्शन की शिक्षा ग्रहण करने आते थे मगध के सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य ने भी यहीं से शिक्षा प्राप्त की थी।
पोरस के साथ युद्ध के बाद सिकंदर वापस लौट गया और इन क्षेत्रों की जिम्मेदारी अपने सेनापति सेल्यूकस को सौंप गया था, जब मगध के सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य ने सेल्यूकस पर आक्रमण किया तो चंद्रगुप्त मौर्य की विशाल सेना को देखकर वह भयभीत हो गया और उसने आत्मसमर्पण कर दिया संधि के स्वरूप उसने अपनी पुत्री हेलेना का विवाह चंद्रगुप्त मौर्य के साथ किया, जिसके परिणामस्वरूप मगध साम्राज्य का इस भू-भाग पर पुनः पूर्ण नियंत्रण स्थापित हुआ। इसके लगभग 100 वर्ष बाद यानी ढाई सौ ईसा पूर्व इन क्षेत्रों में सम्राट अशोक ने जनहित के अभूतपूर्व कार्य करवाए उन्होंने व्यापार और आवागमन को सुगम बनाने के लिए सड़कों का निर्माण कराया, राहगीरों और नागरिकों के लिए पेयजल की व्यवस्था की तथा जनता के लिए शिक्षा व्यवस्था और स्वास्थ्य-चिकित्सालयों का निर्माण करवाया।
पंजाब: रक्षाबंधन पर शिव मार्केट में लगा लंगर, श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
उत्तर प्रदेश: CM योगी का कांग्रेस-सपा पर हमला, 879 करोड़ की 347 परियोजनाओं की मिली सौगात
उत्तर प्रदेश: एम्स रायबरेली में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी ओपीडी शुरू, सप्ताह में दो दिन मिलेगी सुविधा
उत्तर प्रदेश: रायबरेली में IG के काफिले के 5 वाहन आपस में टकराए, मचा हड़कंप
Mobile Phone Dispute: मोबाइल को लेकर हुआ विवाद का दुखद अंत, बेटे और माता-पिता की हुई मौत