-
☰
मध्य प्रदेश: गुरु पूर्णिमा पर काली घोड़ी धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण की प्रसादी
- Photo by : social media
संक्षेप
मध्य प्रदेश: काली घोड़ी धाम में मानव सेवा की अद्भुत मिसाल: वर्षभर निःशुल्क भोजन, गुरु पूर्णिमा पर हजारों श्रद्धालुओं की सेवाखंडवा।
विस्तार
मध्य प्रदेश: काली घोड़ी धाम में मानव सेवा की अद्भुत मिसाल: वर्षभर निःशुल्क भोजन, गुरु पूर्णिमा पर हजारों श्रद्धालुओं की सेवाखंडवा। कभी रियासत के रूप में अपनी अलग पहचान रखने वाला और "काली घोड़ी" के नाम से देशभर में प्रसिद्ध क्षेत्र आज अपनी आध्यात्मिक परंपरा और मानव सेवा के कार्यों के कारण भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित काली घोड़ी धाम में इन दिनों गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन कर प्रसादी ग्रहण की।इस अवसर पर हमारे संवाददाता कल्लन खान ने उदासीन अखाड़ा के अखाड़ा मुनि श्री पंकज जी महाराज (हिंदुस्तानी फक्कड़) से विशेष चर्चा की। उन्होंने आश्रम की परंपरा, सेवा कार्यों और धार्मिक आयोजनों की विस्तृत जानकारी साझा की। मुनि जी ने बताया कि आश्रम की शाखाएं गुजरात, राजस्थान और बैतूल जिले के पिपरिया क्षेत्र में भी संचालित हैं, जहां समय-समय पर धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्षभर इस धाम में प्रतिदिन लगभग 25 से 50 राहगीरों के लिए निःशुल्क भोजन तैयार किया जाता है, ताकि कोई भी जरूरतमंद भूखा न लौटे।
मुनि श्री पंकज जी महाराज ने बताया कि काली घोड़ी धाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि मानव सेवा का केंद्र है। यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु के लिए भोजन, विश्राम और पेयजल की व्यवस्था पूरी तरह निःशुल्क की जाती है। किसी भी धर्म या समुदाय का व्यक्ति यहां प्रसादी ग्रहण कर सकता है। उन्होंने बताया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर खंडवा स्थित धोने वाले दादा के दरबार जाने वाले हजारों पदयात्रियों के लिए विशेष सेवा की जाती है। नागपुर, आमला, बैतूल, शाहपुर सहित अनेक क्षेत्रों से पैदल आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन, विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। यह सेवा प्रतिवर्ष जुलाई माह से शुरू होकर 31 जुलाई तक अखंड रूप से संचालित होती है।
उन्होंने कहा कि यह सेवा किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि समाधि वाले महाराज और माता रानी की कृपा का परिणाम है। आश्रम का उद्देश्य यही है कि यहां आने वाले हर भूखे व्यक्ति को भोजन, प्यासे को पानी और थके हुए यात्री को विश्राम मिल सके। यही संकल्प वर्षों से निरंतर निभाया जा रहा है और भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ सेवा जारी रहेगी। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित इस विशाल भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रसादी ग्रहण की और आश्रम की सेवा भावना की सराहना की। काली घोड़ी धाम आज धार्मिक आस्था के साथ-साथ निःस्वार्थ मानव सेवा का भी प्रेरणादायी केंद्र बन चुका है।
पंजाब: रक्षाबंधन पर शिव मार्केट में लगा लंगर, श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
उत्तर प्रदेश: CM योगी का कांग्रेस-सपा पर हमला, 879 करोड़ की 347 परियोजनाओं की मिली सौगात
उत्तर प्रदेश: एम्स रायबरेली में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी ओपीडी शुरू, सप्ताह में दो दिन मिलेगी सुविधा
उत्तर प्रदेश: रायबरेली में IG के काफिले के 5 वाहन आपस में टकराए, मचा हड़कंप
Mobile Phone Dispute: मोबाइल को लेकर हुआ विवाद का दुखद अंत, बेटे और माता-पिता की हुई मौत