-
☰
दिल्ली: संसद मार्च के बाद हुआ बवाल, बिना वर्दी वालों पर CJP ने उठाए गंभीर सवाल
- Photo by : social media
संक्षेप
दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित 'संसद मार्च' के बाद एक नया विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
विस्तार
दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित 'संसद मार्च' के बाद एक नया विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ ऐसे लोग छात्रों पर लाठियां चलाते दिखाई दिए, जो पुलिस की वर्दी में नहीं थे। इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। जानकारी के अनुसार, यह प्रदर्शन सोनम वांगचुक को अस्पताल में शिफ्ट किए जाने के बाद आयोजित किए गए संसद मार्च का हिस्सा था। 20 जुलाई को देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में छात्र दिल्ली पहुंचे थे। हालांकि, प्रशासन की ओर से मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी। ऐसे में पुलिस ने संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई और स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया। इसी कार्रवाई के दौरान सामने आए कुछ वीडियो अब विवाद का केंद्र बन गए हैं। कॉकरोच जनता पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि कुछ लोग बिना पुलिस वर्दी के हाथों में पुलिस जैसी लाठियां लेकर प्रदर्शनकारियों पर हमला करते दिखाई दे रहे हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के लिए बाहरी लोगों का इस्तेमाल किया गया। CJP ने सरकार और प्रशासन से कई सवाल भी पूछे हैं। पार्टी का कहना है कि यदि वीडियो में दिखाई दे रहे लोग पुलिसकर्मी नहीं थे, तो उनकी पहचान क्या है? उनके हाथ में पुलिस की लाठी कैसे पहुंची? और उन्हें प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करने का अधिकार किसने दिया? हालांकि, इन आरोपों की अभी तक किसी आधिकारिक एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है और संबंधित अधिकारियों की ओर से भी इस संबंध में कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस बीच, संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके का बयान भी सामने आया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर प्रदर्शन में घायल हुए समर्थकों, विशेष रूप से युवतियों, से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का अफसोस है कि वे अपने साथियों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सके। साथ ही उन्होंने पुलिस कार्रवाई में घायल हुए लोगों से सीधे संपर्क करने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। फिलहाल, वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है। एक पक्ष CJP के आरोपों को गंभीर मानते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित होगा।
पंजाब: रक्षाबंधन पर शिव मार्केट में लगा लंगर, श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
उत्तर प्रदेश: CM योगी का कांग्रेस-सपा पर हमला, 879 करोड़ की 347 परियोजनाओं की मिली सौगात
उत्तर प्रदेश: एम्स रायबरेली में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी ओपीडी शुरू, सप्ताह में दो दिन मिलेगी सुविधा
उत्तर प्रदेश: रायबरेली में IG के काफिले के 5 वाहन आपस में टकराए, मचा हड़कंप
Mobile Phone Dispute: मोबाइल को लेकर हुआ विवाद का दुखद अंत, बेटे और माता-पिता की हुई मौत