Contact for Advertisement 9354759354


बिहार: विधानसभा में गूंजा पेपर लीक का मुद्दा, विधायक सतीश यादव ने सरकार को घेरा

- Photo by : social media

बिहार  Published by: Fulchand Malviya , बिहार  Edited By: md anish, Date: 27/07/2026 04:29:11 pm Share:
  • बिहार
  • Published by: Fulchand Malviya ,
  • Edited By.: md anish,
  • Date:
  • 27/07/2026 04:29:11 pm
Share:

संक्षेप

बिहार: बिहार विधानसभा सत्र के दौरान बहुजन समाज पार्टी के विधायक सतीश यादव ने प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक और छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया।

विस्तार

बिहार: बिहार विधानसभा सत्र के दौरान बहुजन समाज पार्टी के विधायक सतीश यादव ने प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक और छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया। विधायक सतीश यादव ने सदन में अपनी बात रखते हुए कहा कि अत्यधिक कठिन परिश्रम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा जब परीक्षा के बाद पेपर लीक होने की खबर सुनते हैं, तो वे मानसिक रूप से टूट जाते हैं।  परिवार की उम्मीदें और छात्रों के सपने पल भर में खत्म हो जाते हैं। नीट का पेपर लीक होने और मानसिक तनाव के कारण देश भर में 22 से 23 छात्र-छात्राओं ने अपनी जान दे दी है। सरकार के समक्ष यह मांग रखी गई है कि क्या सरकार एक पारदर्शी, सुरक्षित, कदाचार-मुक्त और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित नहीं कर सकती और क्या सरकार पेपर लीक के दोषियों को सजा देने के लिए कठोर कानून नहीं बना सकती नीट पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें छात्र-छात्राओं पर बर्बरता से लाठीचार्ज करने वाले और छात्राओं से अमानवीय व्यवहार करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर कड़ी कार्रवाई की जाए।

 

देश भर एवं बिहार में आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं पर लगे मुकदमे वापस लिए जाएं पेपर लीक के बाद अपनी जान देने वाले छात्र-छात्राओं के परिजनों को एक करोड़ का मुआवजा दिया जाए और परीक्षा रद्द होने पर सरकार प्रभावित छात्र-छात्राओं को आर्थिक मुआवजा और यात्रा सुविधा उपलब्ध कराए सदन में अपनी बात समाप्त करते हुए विधायक सतीश यादव ने महान कवि पाश की पंक्तियों को दोहराया कि सबसे खतरनाक होता है। मुर्दा शांति से भर जाना, न होना तड़प, ना सब कुछ सहन कर जाना, सबसे खतरनाक होता है। हमारे सपनों का मर जाना।