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राजस्थान: दलित युवक की निर्मम हत्या से मचा हड़कंप, पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल

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राजस्थान  Published by: Fulchand Malviya , राजस्थान  Edited By: Shikha, Date: 18/07/2026 01:59:47 pm Share:
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  • Published by: Fulchand Malviya ,
  • Edited By.: Shikha,
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  • 18/07/2026 01:59:47 pm
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संक्षेप

राजस्थान: राजस्थान के डीग जिले से कानून व्यवस्था को तार-तार करने वाली एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। 

विस्तार

राजस्थान: राजस्थान के डीग जिले से कानून व्यवस्था को तार-तार करने वाली एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ धर्मवीर जाटव नाम के एक दलित युवक की मनोज गुर्जर, विष्णु गुर्जर और उनके अन्य साथियों ने मिलकर निर्मम हत्या कर दी इस खौफनाक वारदात के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं  का साफ तौर पर कहना है कि जहाँ-जहाँ भाजपा की सरकारें हैं। वहाँ दलित, शोषित और वंचित समाज यानी एससी-एसटी समुदाय के ऊपर अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं और अपराधी बेखौफ हो चुके हैं। 

गंभीर आरोपों के घेरे में आई स्थानीय पुलिस

इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली और शर्मनाक बात पुलिस की भूमिका को लेकर सामने आ रही है। आरोप है कि जब पीड़ित पक्ष को सुरक्षा और मदद की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब राजस्थान की पुलिस पूरी तरह मूकदर्शक बनी रही। समय रहते पुलिस द्वारा कोई ठोस कदम न उठाए जाने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हुए, जिसका अंजाम एक बेकसूर दलित युवक को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा। 

भाजपा सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल

एक तरफ भाजपा सरकार सूबे में सुरक्षित माहौल, सुशासन और सख्त कानून व्यवस्था का ढिंढोरा पीटती है। वहीं दूसरी तरफ डीग में सरेआम हुई इस निर्मम हत्या ने सरकार के दावों की खुली पोल खोल दी है। थानों और ज़िलों में दलितों की सुनवाई न होना प्रशासनिक संवेदनहीनता को साफ दर्शाता है। पीड़ित परिवार और स्थानीय समाज की मांग है कि इस कायराना हरकत को अंजाम देने वाले मनोज गुर्जर, विष्णु गुर्जर और उनके तमाम साथियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर तुरंत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें गिरफ्तार किया जाए। इसके साथ ही, घटना के दौरान लापरवाही बरतने और मूकदर्शक बने रहने वाले पुलिसकर्मियों पर भी सख्त एक्शन होना चाहिए, ताकि जनता का कानून पर विश्वास बहाल हो सके।