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Panchna Dam Dispute: पांचना बांध से पानी छोड़े जाने को लेकर हुआ विवाद, करौली और सवाई माधोपुर में इंटरनेट बंद, प्रशासन अलर्ट
- Photo by : social media
संक्षेप
राजस्थान: राजस्थान के करौली और सवाई माधोपुर जिलों में पांचना बांध से पानी छोड़े जाने को लेकर उपजा विवाद गहरा गया है।
विस्तार
राजस्थान: राजस्थान के करौली और सवाई माधोपुर जिलों में पांचना बांध से पानी छोड़े जाने को लेकर उपजा विवाद गहरा गया है। स्थिति को नियंत्रण में रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। सोशल मीडिया पर अफवाहों और भड़काऊ पोस्ट को फैलने से रोकने के लिए करौली जिले के साथ-साथ सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी, वजीरपुर और बामनवास जैसे संवेदनशील इलाकों में इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन लगातार उपद्रवी तत्वों पर नजर रख रहा है और सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने तथा वैमनस्य फैलाने के आरोप में कई लोगों के खिलाफ करौली सदर थाने सहित विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। कृषि मंत्री के आश्वासन के बाद खुला चक्काजाम इस विवाद के कारण पिछले तीन दिनों से यातायात पूरी तरह ठप था। वजीरपुर के कुसांय गांव में नहरों के जरिए पर्याप्त पानी न मिलने से आक्रोशित किसानों ने हिंडौन-गंगापुर मुख्य मार्ग पर धरना दे रखा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा खुद देर रात धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारी किसानों से बातचीत की और उन्हें भरोसा दिलाया कि नहरों की सभी तकनीकी खराबियों को जल्द से जल्द दूर कर लिया जाएगा और अगले 10 दिनों के भीतर किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मुहैया कराया जाएगा। मंत्री के इस लिखित और ठोस आश्वासन के बाद किसानों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया, जिसके बाद गंगापुर सिटी-हिंडौन, करौली-धौलपुर और करौली-मंडरायल सहित कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों का आवागमन दोबारा सामान्य हो सका। सचिवालय में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक विवाद के स्थाई समाधान के लिए गंगापुर सिटी के मिनी सचिवालय में एक हाई-लेवल मीटिंग आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत और कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने संयुक्त रूप से की। बैठक में शासन सचिव कृष्ण कुणाल, एडीजी बीजू जॉर्ज जोसफ, संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया, आईजी कैलाश चंद बिश्नोई, दोनों जिलों के कलेक्टर्स, पुलिस कप्तानों और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। नहरों की मरम्मत और गेटों का दोबारा परीक्षण इस उच्च स्तरीय बैठक में यह सहमति बनी कि पांचना बांध के गेटों और क्षतिग्रस्त नहर प्रणालियों की मरम्मत का काम अगले सात दिनों के भीतर युद्ध स्तर पर पूरा किया जाएगा। इसके बाद, आगामी 17 और 18 जुलाई को किसान प्रतिनिधियों की सीधी निगरानी में बांध के गेटों का दोबारा तकनीकी परीक्षण किया जाएगा। इस दौरान कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़कर पूरी वितरण व्यवस्था की जांच की जाएगी ताकि भविष्य में जल वितरण को लेकर कोई विवाद न हो।