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Anganwadi Workers Strike: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल हुई तेज, रैली निकालकर सरकार के खिलाफ जताया विरोध
- Photo by : social media
संक्षेप
राजस्थान: अलवर जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और ग्राम साथिन अपनी कई मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रही हैं।
विस्तार
राजस्थान: अलवर जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और ग्राम साथिन अपनी कई मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रही हैं। अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के बैनर तले गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में महिलाएं शहर के मोती डूंगरी पार्क में एकत्रित हुईं। यहां से उन्होंने मिनी सचिवालय तक आक्रोश रैली निकालकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। रैली के बाद मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन महिला एवं बाल विकास विभाग के डिप्टी डायरेक्टर और प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा गया। आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रशासन के साथ हुई वार्ता बेनतीजा रही, जिसके चलते उन्हें आंदोलन तेज करना पड़ा। जानिए पूरी खबर विस्तार में। हड़ताल से आंगनबाड़ी सेवाएं हुईं प्रभावित जानकारी के मुताबिक, कार्यकर्ताओं की हड़ताल का असर जिलेभर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर साफ दिखाई दे रहा है। कई केंद्रों पर ताले लटके हुए हैं, जिससे बच्चों को मिलने वाला पोषण आहार, नियमित टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं से जुड़ी आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इन सेवाओं के बंद होने से आम लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संघ की सचिव रेखा सैन जयपुर में वरिष्ठ पदाधिकारियों से मुलाकात कर आंदोलन की आगामी रणनीति पर चर्चा कर रही हैं। मानदेय बढ़ाने और नियमितीकरण की प्रमुख मांग आंदोलन कर रही कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनसे स्थायी सरकारी कर्मचारियों की तरह जिम्मेदारियां निभवाई जाती हैं, लेकिन उन्हें उसके अनुरूप मानदेय नहीं मिलता। उनका आरोप है कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया। उनकी प्रमुख मांगों में मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी, सेवा का नियमितीकरण, राज्य कर्मचारी का दर्जा और पेंशन सहित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ शामिल है। उनका कहना है कि जब काम स्थायी कर्मचारियों जैसा लिया जाता है तो उन्हें समान सुविधाएं और अधिकार भी मिलने चाहिए। सरकार को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उनका कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि हड़ताल के कारण जनता को होने वाली असुविधा और विभागीय कार्यों में आई रुकावट की पूरी जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग और राज्य सरकार की होगी।