Contact for Advertisement 9354759354


Digital Governance: डिजिटल गवर्नेंस और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से बदलेगी छत्तीसगढ़ की कारोबारी तस्वीर

- Photo by : social media

छत्तीसगढ़  Published by: Shikha , छत्तीसगढ़  Edited By: Shikha, Date: 10/07/2026 11:30:28 am Share:
  • छत्तीसगढ़
  • Published by: Shikha ,
  • Edited By.: Shikha,
  • Date:
  • 10/07/2026 11:30:28 am
Share:

संक्षेप

छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनियमन-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक-2026' के प्रारूप को मंजूरी दे दी है।

विस्तार

छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनियमन-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक-2026' के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। यह पहले केवल औद्योगिक विकास तक समिति नहीं है, बल्कि राज्य में डिजिटल गवर्नेंस और आईटी आधारित प्रशासन को भी नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। नए विधेयक के तहत व्यापार से जुड़ी ज़्यादातर सरकारी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध किया जाएगा। इससे निवेशकों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और आवेदन, अनुमति तथा लाइसेंस जैसी सेवाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिये उपलब्ध हो जाएगी। जानिए पूरी खबर विस्तार में। 

आईटी और डिजिटल गवर्नेंस अब होगी आसान 

जानकारी के मुताबिक, विधेयक में Deemed Permission, Self-Certification, Third-Party Verification और Risk-Based Inspection जैसे डिजिटल प्रशासन को मजबूत करने वाले प्रावधान शामिल किए गए हैं। इससे मैन्युअल प्रक्रियाओं में कमी आएगी, फाइलों का डिजिटल ट्रैकिंग संभव होगा और विभागों के बीच तालमेल बेहतर बनेगा। आईटी क्षेत्र के लिए यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि डिजिटल सिस्टम लागू होने से ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन सिंगल-विंडो पोर्टल, डेटा मैनेजमेंट, साइबर सुरक्षा और क्लाउड आधारित सरकारी सेवाओं की मांग बढ़ सकती है। इससे आईटी कंपनियों, सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और टेक्नोलॉजी सेवा प्रदाताओं के लिए नए अवसर बनने की संभावना है।

उद्योगों की स्थापना तेज होने से बढ़ेंगे रोज़गार 
 
सरकार का मानना है डिजिटल और सरल प्रशासनिक व्यवस्था से निवेशकों का समय और लागत दोनों काम होंगे। साथ ही, नए उद्योगों की स्थापना तेज होने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। यदि यह विधेयक प्रभावी ढंग से लागू होता है, तो छत्तीसगढ़ न केवल उद्योगों के लिए बल्कि डिजिटल गवर्नेंस और आईटी आधारित निवेश-अनुकूल प्रशासन के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना सकता है।