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Sleeper Bus Gang Rape Case: पर्दे लगी स्लीपर बस में नाबालिग के साथ हुआ गैंगरेप , महिला सुरक्षा के दावों पर एक बार फिर उठे गंभीर सवाल

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उत्तर प्रदेश  Published by: Shikha , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shikha, Date: 01/09/2026 03:36:58 pm Share:
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  • 01/09/2026 03:36:58 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: ग्रेटर नोएडा के परी चौक से नोएडा जा रही एक स्लीपर बस में 17 वर्षीय छात्रा के साथ गैंगरेप के आरोप ने सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: ग्रेटर नोएडा के परी चौक से नोएडा जा रही एक स्लीपर बस में 17 वर्षीय छात्रा के साथ गैंगरेप के आरोप ने सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के मुताबिक, 4 अगस्त की रात छात्रा बस में सवार हुई थी। आरोप है कि रास्ते में ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप ने उसके साथ वारदात को अंजाम दिया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने नए कानून के तहत सीमा विवाद में उलझे बिना मामला दर्ज किया और कुछ ही घंटों में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

47 किलोमीटर के सफर में हुई वारदात

पुलिस के अनुसार, छात्रा अपने घर से नाराज होकर नोएडा में रहने वाले रिश्तेदार के पास जा रही थी। भारी बारिश और अंधेरे के कारण वह परी चौक पर उतर गई और वहां से गुजर रही बस को रोककर सेक्टर-63 जाने के लिए उसमें सवार हुई। आरोप है कि बस में बैठने के कुछ समय बाद कंडक्टर ने उसके साथ अश्लील हरकत की और बाद में दोनों आरोपियों ने चलती बस में उसके साथ अपराध किया। बस बाद में धौलाकुआं और रिंग रोड होते हुए कश्मीरी गेट पहुंची, जहां छात्रा को उतार दिया गया।

पर्दे और चादर ने बढ़ाई चिंता

जांच के दौरान पुलिस को बस में गहरे रंग के पर्दे मिले, जिनकी वजह से बाहर से अंदर का दृश्य दिखाई नहीं दे रहा था। इसके अलावा सीटों के बीच बने गलियारे में चादर बिछी मिली और स्टेयरिंग के पास कंबल भी रखा था। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। घटना ने उन सुरक्षा नियमों पर भी सवाल खड़े किए हैं, जिनके तहत सार्वजनिक बसों में CCTV, GPS, पैनिक बटन और अन्य सुरक्षा इंतजाम अनिवार्य किए गए हैं।

CCTV नहीं की वजह से जांच में बढ़ी मुश्किलें, सरकार हुई सख्त

बस संचालक विश्वनाथ ट्रैवल्स के कर्मचारी ने बताया कि बस दो साल से आरोपियों के संचालन में थी और घटना से पहले उसका रेनोवेशन चल रहा था, इसलिए उसमें CCTV कैमरे नहीं लगे थे। पुलिस के मुताबिक, बस के खिलाफ जुलाई में 21 दिनों के भीतर आठ चालान भी किए गए थे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि दिल्ली सरकार पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर दूसरे राज्यों से आने वाली बसों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा मजबूत करेगी। प्रस्तावित व्यवस्था में बसों के GPS को दिल्ली के संबंधित विभाग के सिस्टम से जोड़ने पर भी काम किया जाएगा।
 


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