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Murder Conspiracy: दोस्तों ने ही रची फोटोग्राफर की हत्या की साजिश, अपमान और दुश्मनी बनी हत्या की वजह

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उत्तर प्रदेश  Published by: Shubhi Shikha Nayal , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 03/09/2026 03:19:02 pm Share:
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  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
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  • 03/09/2026 03:19:02 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र में फोटोग्राफर आलोक गुप्ता की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र में फोटोग्राफर आलोक गुप्ता की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक आलोक की हत्या उसके करीबी दोस्तों ने ही की थी। हत्या के पीछे अपमान का बदला लेने और उससे होने वाली कथित ईर्ष्या को वजह बताया जा रहा है। वारदात के बाद आरोपियों ने शव को मध्य प्रदेश स्थित सोहागी पहाड़ से नीचे फेंक दिया था। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी शुभम तिवारी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

10 अगस्त को अचानक लापता हुआ था आलोक

जानकारी के अनुसार प्रतापगढ़ के कुंडा थाना क्षेत्र के पांडेय का पुरवा का रहने वाला किसान कन्धई लाल गुप्ता का 27 वर्षीय बेटा आलोक गुप्ता प्रयागराज के शेरवानी कॉलोनी में किराए के फ्लैट में रहता था। बताया जा रहा हैं की 10 अगस्त 2026 को वह अचानक लापता हो गया था। बताया गया कि गायब होने से पहले उसने अपने फ्लैट में गर्लफ्रेंड के साथ जन्मदिन मनाया था। इसके बाद वह कमरे पर वापस नहीं आया और परिजनों से भी उसका संपर्क टूट गया। काफी तलाश के बाद परिवार ने धूमनगंज थाने में लापता होने की FIR दर्ज कराई थी।

कॉल डिटेल से पुलिस को मिली अहम जानकारी

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आलोक के मोबाइल की कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच शुरू की। जांच में उसके कुछ करीबी दोस्तों की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस की जांच में पूछताछ किए जाने पर आरोपियों ने कथित तौर पर हत्या की पूरी कहानी पुलिस के सामने रख दी। पूछताछ में यह भी सामने आया की आलोक को उसके परिचित अपने साथ लेकर गए थे, जहाँ उसकी हत्या कर दी गई और शव को सोहागी पहाड़ से नीचे फेंक दिया गया। मध्य प्रदेश पुलिस को शव मिलने के बाद उसकी पहचान नहीं हो सकी थी और अज्ञात शव के रूप में पोस्टमार्टम कराया गया था।

ज्यादा कमाई से दोस्त करते थे जलन 

पुलिस की पूछताछ में हत्या की वजह को लेकर कई बातें सामने आईं हैं। बताया जा रहा हैं की आलोक फोटोग्राफी के काम से अच्छी कमाई करता था, जिससे उसके कुछ दोस्त उससे कथित तौर पर जलते थे। इसके अलावा घटना से कुछ दिन पहले आलोक ने अपने साथियों को कथित तौर पर अपमानित किया था। पुलिस के अनुसार इसी बात को लेकर शुभम तिवारी के मन में नाराजगी और रंजिश बढ़ गई थी। धूमनगंज पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी शुभम तिवारी और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब आरोपियों से हत्या में उनकी भूमिका, घटना के पीछे की पूरी साजिश और अन्य साक्ष्यों को लेकर पूछताछ कर रही है।


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