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मध्य प्रदेश: बिजली कटौती और महंगाई पर हुआ बवाल, युवा नेता श्रवण सेन ने सरकार को घेरा
- Photo by : social media
संक्षेप
मध्य प्रदेश: भोपाल प्रदेश में लगातार पैर पसार रही अघोषित बिजली कटौती, कमरतोड़ महंगाई और आसमान छूती तेल की कीमतों को लेकर अब जनता का सब्र जवाब देने लगा है।
विस्तार
मध्य प्रदेश: भोपाल प्रदेश में लगातार पैर पसार रही अघोषित बिजली कटौती, कमरतोड़ महंगाई और आसमान छूती तेल की कीमतों को लेकर अब जनता का सब्र जवाब देने लगा है। इस गंभीर मुद्दे पर विपक्ष और सामाजिक संगठन लगातार सरकार पर हमलावर हैं। इसी कड़ी में युवा अध्यक्ष श्रवण सेन ने मोहन सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जनता की आवाज बुलंद की है और सरकार से तुरंत जवाब देने की मांग की है। "जनता बेहाल, सरकार मौन, किसान और गरीब सबसे ज्यादा परेशान" – श्रवण सेन युवा अध्यक्ष श्रवण सेन ने आज मीडिया से बात करते हुए सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक तरफ भीषण गर्मी और बदलते मौसम में लोग बेहाल हैं, वहीं दूसरी तरफ बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों तक की जा रहीअघोषित बिजली कटौती ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक स्थिति बदतर हो चुकी है। श्रवण सेन ने मुख्य रूप से समाज के हर वर्ग को प्रभावित करने वाले इन बड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा। अघोषित बिजली कटौती से किसान और व्यापार ठप: बिना शेड्यूल के घंटों बत्ती गुल रहने से जहां एक तरफ शहरों में व्यापार प्रभावित है। वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण इलाकों में किसान खून के आंसू रोने को मजबूर हैं। गरीब और मध्यमवर्ग पर महंगाई की दोहरी मार: खाने-पीने की चीजों, रसोई गैस से लेकर रोजमर्रा के सामानों के दाम आसमान छू रहे हैं। इससे सबसे ज्यादा चोट गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ी है, जिनका दो वक्त की रोटी का बजट भी पूरी तरह बिगड़ गया है। गरीब परिवार आज बुनियादी जरूरतों के लिए भी तरस रहा है। तेल की बढ़ती कीमतें: पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने परिवहन महंगा कर दिया है, जिसका सीधा असर हर जरूरत की चीज और किसानों की खेती की लागत (ट्रैक्टर, पंप आदि) पर पड़ रहा है। सत्ता में आने से पहले बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन आज हकीकत सबके सामने है। गरीब और किसान आज सबसे ज्यादा प्रताड़ित और परेशान हैं। एक तरफ महंगाई की मार ह है। मोहन सरकार आखिर इस बदहाली पर चुप क्यों है? उसे जनता, किसानों और गरीबों के सामने आकर जवाब देना होगा। श्रवण सेन, युवा अध्यक्ष श्रवण सेन ने सरकार को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने जल्द ही अघोषित बिजली कटौती पर लगाम नहीं लगाई, किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं दी और महंगाई व तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो युवाओं, किसानों और आम जनता को साथ लेकर सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और मोहन सरकार की होगी। इस तीखे बयान के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। अब देखना यह होगा कि मोहन सरकार इस चौतरफा घेराबंदी पर क्या सफाई देती है या क्या राहत भरे कदम उठाती है।