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₹80,000 Dispute: तुगलकाबाद अग्निकांड में हुआ बड़ा खुलासा, 80 हजार के विवाद में नाबालिग से जलवाई स्कूटी, आग में गई 4 बेगुनाहों की जान

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दिल्ली  Published by: Shikha , दिल्ली  Edited By: Shikha, Date: 02/09/2026 03:04:29 pm Share:
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  • 02/09/2026 03:04:29 pm
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संक्षेप

दिल्ली: तुगलकाबाद एक्सटेंशन में पांच मंजिला इमारत में आग लगने से चार लोगों की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने साकेत कोर्ट में 400 से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।

विस्तार

दिल्ली: तुगलकाबाद एक्सटेंशन में पांच मंजिला इमारत में आग लगने से चार लोगों की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने साकेत कोर्ट में 400 से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस की जांच में दावा किया गया है कि इस अग्निकांड के पीछे महज 80 हजार रुपये का लेनदेन विवाद था। पुलिस के मुताबिक, दीपक से पैसे वापस नहीं मिलने से नाराज सरिता ने उसकी स्कूटी जलाने की साजिश रची। आरोप है कि इस साजिश को अंजाम देने के लिए एक नाबालिग का इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने मामले में सरिता समेत तीन लोगों को आरोपी बनाया है।

 80 हजार के विवाद से शुरू हुई थी साजिश

पुलिस के अनुसार, सरिता का दीपक से 80 हजार रुपये को लेकर विवाद चल रहा था। पैसे वापस नहीं मिलने पर कथित तौर पर सरिता ने दीपक की स्कूटी में आग लगवाने की योजना बनाई। जांच में पुलिस को ऐसे CCTV फुटेज मिले, जिनमें एक नाबालिग घटना से पहले इमारत में जाता और आग लगने के बाद बाहर निकलता दिखाई दिया। पुलिस का दावा है कि सरिता और नाबालिग के घटना से पहले और बाद में स्कूटी से आने-जाने की फुटेज भी सामने आई है। आरोप है कि नाबालिग को पेट्रोल और माचिस देकर स्कूटी में आग लगाने के लिए कहा गया था।

 CCTV ने बदली जांच की दिशा

शुरुआत में पुलिस को आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट होने की आशंका थी। हालांकि, CCTV फुटेज सामने आने के बाद जांच का रुख बदल गया। फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आग को कथित तौर पर जानबूझकर लगाई गई आग माना। पुलिस के मुताबिक, स्कूटी में लगी आग तेजी से फैलकर इमारत तक पहुंच गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि मृतक परिवार का 80 हजार रुपये के विवाद से कोई संबंध नहीं था और वे इस कथित साजिश के बेगुनाह शिकार बने।

 तीन आरोपी और 40 से ज्यादा गवाह

चार्जशीट में पुलिस ने सरिता (27), निरंजन (33) और राजकुमार (27) को आरोपी बनाया है। वहीं, अपराध में नाबालिग को शामिल करने के आरोप में संबंधित कानूनी प्रावधान भी लगाए गए हैं। पुलिस ने मामले में 40 से ज्यादा लोगों को गवाह बनाया है। नाबालिग की भूमिका को लेकर अलग रिपोर्ट जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को भी भेजी गई है। पुलिस के मुताबिक, CCTV फुटेज, आरोपियों की गतिविधियों और अन्य जांच से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट तैयार की गई है। अब मामले में अदालत के समक्ष आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।
 


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