-
☰
No image found.
मध्य प्रदेश: संत हिरदाराम नगर में तीन दिवसीय श्री कृष्ण ज्ञान यज्ञ गंगा कथा का किया आयोजन
- Photo by : social media
संक्षेप
मध्य प्रदेश: बजरंग सेना समिति के अध्यक्ष कमलेश देवानी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि संत हिरदाराम नगर में तीन दिवसीय "श्री कृष्ण ज्ञान यज्ञ गंगा कथा" का आयोजन किया जा रहा है। यह धार्मिक आयोजन समिति के सचिव शमी गंगवानी के निवास स्थान, ए न्यू 45, संत हिरदाराम नगर में 29 सितंबर से 1 अक्टूबर तक आयोजित होगा।
विस्तार
मध्य प्रदेश: बजरंग सेना समिति के अध्यक्ष कमलेश देवानी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि संत हिरदाराम नगर में तीन दिवसीय "श्री कृष्ण ज्ञान यज्ञ गंगा कथा" का आयोजन किया जा रहा है। यह धार्मिक आयोजन समिति के सचिव शमी गंगवानी के निवास स्थान, ए न्यू 45, संत हिरदाराम नगर में 29 सितंबर से 1 अक्टूबर तक आयोजित होगा। कथा का आयोजन प्रतिदिन शाम 6 बजे से 7 बजे तक किया जाएगा। कथा व्यास के रूप में श्रद्धेय श्री भगवानदास वीधानी श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण की महिमा और धार्मिक प्रसंगों से अवगत कराएंगे। आयोजन को लेकर समिति की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। समिति सचिव शमी गंगवानी ने संत हिरदाराम नगरवासियों और श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा में शामिल होने की अपील की है। आयोजकों के अनुसार, कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके संदेश और सनातन परंपरा से जुड़े धार्मिक प्रसंगों को समझने का अवसर मिलेगा। कथा व्यास श्री भगवानदास वीधानी ने बताया कि पितृ पक्ष और श्राद्ध के दौरान धार्मिक कथाओं का श्रवण करने की सनातन परंपरा में विशेष मान्यता बताई गई है। उन्होंने कहा कि इस अवधि में श्रीमद्भागवत कथा या श्रीकृष्ण कथा के आयोजन और श्रवण को धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। उन्होंने धार्मिक मान्यताओं और गरुड़ पुराण में वर्णित परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पितृ पक्ष के दौरान हरि कथा का श्रवण पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और स्मरण का माध्यम माना जाता है। कथा के माध्यम से श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, धर्म और सदाचार से जुड़े संदेशों को आत्मसात करने का प्रयास करेंगे। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से समय पर पहुंचकर कथा का श्रवण करने और धार्मिक आयोजन में सहभागिता करने की अपील की है। तीन दिवसीय आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए कथा का विशेष कार्यक्रम रखा गया है।
